सारंडा में नक्सली आईईडी विस्फोट: सीआरपीएफ के तीन जवान घायल, रांची में इलाज जारी
झारखंड के सारंडा जंगल में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ के तीन जवान घायल हो गए। उन्हें रांची में इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया गया है।
सारंडा के जंगल में नक्सली आईईडी विस्फोट: सीआरपीएफ के तीन जवान घायल, रांची में इलाज जारी
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के तीन जवान घायल हो गए हैं। घटना बुधवार को उस समय हुई जब सीआरपीएफ की 197वीं बटालियन इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। घायल जवानों को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची लाया गया है।
घटना का विवरण
सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम, जिसमें सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस शामिल थी, सारंडा के घने जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान चला रही थी। इसी दौरान, बालिबा और बाबुडेरा गांवों के बीच नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी में विस्फोट हो गया। इस विस्फोट में सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट और दो अन्य जवान घायल हो गए। घायलों को तुरंत हेलीपैड तक पहुंचाया गया और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए रांची के राज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पिछले अभियानों की सफलता
पिछले दस दिनों में, चाईबासा जिले में पुलिस और सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के तीन डंप ध्वस्त किए हैं, जिनमें हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। मंगलवार को टोंटो थाना क्षेत्र के हुसिपी जंगल में एक कैंप ध्वस्त किया गया, जहां से 10-10 किलोग्राम क्षमता वाले दो आईईडी भी निष्क्रिय किए गए थे। इसके अलावा, 24 फरवरी को टोंटो थाना क्षेत्र में दो अन्य नक्सली कैंप ध्वस्त किए गए थे, जहां से अमेरिका निर्मित एम-16 राइफल सहित 10 हथियार और 500 से अधिक गोलियां बरामद की गई थीं।
नक्सलियों की गतिविधियां और सुरक्षा बलों की चुनौतियां
सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में भाकपा माओवादी संगठन के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन जैसे नक्सली सक्रिय हैं। इनके खिलाफ सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं, लेकिन घने जंगल और दुर्गम इलाकों के कारण ऑपरेशन में चुनौतियां बनी रहती हैं।
सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति
विस्फोट के बाद, क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। सुरक्षा बल नक्सलियों की तलाश में जुटे हैं और इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चला रहे हैं। साथ ही, स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम, विशेषकर सारंडा का जंगल, नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता है। यहां नक्सली गतिविधियों की रोकथाम के लिए सुरक्षा बल नियमित रूप से अभियान चलाते रहते हैं। हालांकि, नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी और अन्य घातक हथकंडों के कारण सुरक्षा बलों को सतर्क रहना पड़ता है।
निष्कर्ष
सारंडा के जंगल में हुए इस आईईडी विस्फोट ने एक बार फिर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के सामने मौजूद चुनौतियों को उजागर किया है। सुरक्षा बलों की तत्परता और स्थानीय लोगों के सहयोग से ही नक्सलवाद के खिलाफ इस लड़ाई में सफलता संभव है।
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